गुणों की खान है गिलोय,जानते हैं इसके फायदों और नुक्सान के बारें में!Giloy is a mine of virtues, know about its benefits and disadvantages.


गुणों की खान है गिलोय,जानते हैं इसके फायदों और नुक्सान के बारें में!Giloy is a mine of virtues, know about its benefits and disadvantages.

ज्वरनाशक है गिलोय(giloy banefical in acid) 

गिलोय को ज्वरनाशक भी कहा जाता है। अगर कोई व्यक्ति काफी दिनों से किसी भी तरह के बुखार से पीड़ित है और काफी दवाएं लेने के बाद भी बुखार में कोई आराम नहीं मिल रहा हो तो ऐसे व्यक्ति को रोजाना गिलोय का सेवन करना चाहिए। इसके साथ ही अगर किसी को डेंगू बुखार आ रहा हो तो उसके लिए मरीज को डेंगू की संशमनी वटी (गिलोय घनवटी) दवा का सेवन कराया जाए तो बुखार में आराम मिलता है। संशमनी वटी दवा डेंगू बुखार की आयुर्वेद में सबसे अच्छी दवा मानी जाती है।


आंखों की रोशनी बढ़ाये(giloy increase eye sight)
जिनकी आंखों की रोशनी कम हो रही हो, उन्हें गिलोय के रस को आंवले के रस के साथ देने से आंखों की रोशनी भी बढ़ती है और आंख से संबंधित रोग भी दूर होते हैं। गिलोय एक शामक औषधि है, जिसका ठीक तरह से प्रयोग शरीर में पैदा होने वाली वात, पित्त और कफ से होने वाली बीमारियों से छुटकारा दिला सकता है।

पाचन रहे दुरुस्त (giloy maintain digestive system)
गिलोय के रस का नियमित रूप से सेवन करने से पाचन तंत्र ठीक रहता है। हमारा पाचन तंत्र ठीक रहे, इसके लिए आधा ग्राम गिलोय पाउडर को आंवले के चूर्ण के साथ नियमित रूप से सेवन करना चाहिए। गिलोय शरीर में खून के प्लेटलेट्स की गिनती को बढ़ाती है।


डायबिटीज में फायदेमंद{baneficial in diabetes)
जिन लोगों को डायबिटीज की बीमारी है, उन्हें गिलोय के रस का नियमित रूप से सेवन करना चाहिए। डायबिटीज के मरीजों के लिए यह वरदान है। ऐसे लोगों को हाथ की छोटी उंगली के बराबर (एक बलिस्त) गिलोय के तने का रस और बेल के एक पत्ते के साथ थोड़ी सी हल्दी मिलाकर एक चम्मच रस का रोजाना सेवन करना चाहिए। इससे डायबिटीज की समस्या नियंत्रित हो जाती है।


दूर करे मोटापा (decrease obeysity)
मोटापा से परेशान व्यक्ति को रोजाना गिलोय का सेवन करना चाहिए। इसके एक चम्मच रस में एक चम्मच शहद मिलाकर सुबह-शाम लेने से मोटापा दूर हो जाता है। इसके अलावा अगर पेट में कीड़े हो गए हों और कीड़े के कारण शरीर में खून की कमी हो रही हो तो पीड़ित व्यक्ति को कुछ दिनों तक नियमित रूप से गिलोय का सेवन कराना चाहिए।


इम्यूनिटी बढ़ाएं(increase imunity) 

गिलोय में एंटीऑक्सिडेंट गुण होते हैं, जो खतरनाक रोगों से लड़कर शरीर को सेहतमंद रखते हंै। गिलोय किडनी और लिवर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालती है और खून को साफ करती है। नियमित रूप से गिलोय का जूस पीने से रोगों से लड़ने की क्षमता में बढ़ोत्तरी होती है।

सर्दी-खांसी दूर भगाए(baneficial in cough or cold)
किसी व्यक्ति को लगातार सर्दी-खांसी-जुकाम की समस्या हो रही हो तो उन्हें गिलोय के रस का सेवन कराएं। दो चम्मच गिलोय का रस हर रोज सुबह लेने से खांसी से काफी राहत मिलती है। यह उपाय तब तक आजमाएं, जब तक खांसी पूरी तरह ठीक न हो जाए।

ध्यान दें..... 

  • गिलोय के पत्तों का सेवन नहीं करना चाहिए। इसके डंठल का ही प्रयोग करना चाहिए। अधिक मात्रा में गिलोय का सेवन न करें, अन्यथा मुंह में छाले हो सकते हैं।

  • इसके कई लाभों के बावजूद, गिलोय साइड-इफेक्ट्स से रहित नहीं है। गिलोय का सेवन करने से कब्ज और पेट में जलन होती है। ये दुष्प्रभाव इस बात पर ध्यान दिए बिना पड़ेंगे कि आप गिलोय का किस रूप में सेवन करते हैं - रस या पूरक कैप्सूल। 

  • गिलोय रक्त शर्करा के स्तर को भी कम कर सकता है। गिलोय का सेवन करते समय मधुमेह के रोगियों को सतर्क रहना चाहिए। गिलोय प्रतिरक्षा प्रणाली को अधिक उत्तेजित कर सकता है और इसे अति-सक्रिय बना सकता है। जब ऐसा होता है, तो ल्यूपस, मल्टीपल स्केलेरोसिस और रुमेटीइड गठिया जैसे रोगों के लक्षण बढ़ जाते हैं। गिलोय से बचना सबसे अच्छा है यदि आप इनमें से किसी भी बीमारी से पीड़ित हैं।

Post a Comment

0 Comments